तुमसे मिलने का मन कर रहा है -azhar iqbal

एक पक्षी गुँजन कर रहा है  मुझमे प्रेम सर्जन कर रहा है  बहुत  दिन हो गए है तुमसे बिछड़े  अब तुमसे मिलने का मन कर रहा है  नदी के शांत तट पर बैठ...