मै अपने हाथ से उसकी दुल्हन सजाउगीपरवीन शाकिर
कमाले-जब्त को खुद भी आजमाउगी
मै अपने हाथ से उसकी दुल्हन सजाउगी!
सुपुर्द करके उसे चांदनी के हाथो में
में अपने घर के अंधेरो में लौट आउंगी!
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मै अपने हाथ से उसकी दुल्हन सजाउगीपरवीन शाकिर
कमाले-जब्त को खुद भी आजमाउगी
मै अपने हाथ से उसकी दुल्हन सजाउगी!
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